रघु मुस्कुराता है—"डर तो सपनों का हिस्सा है, बिल्लू। लेकिन डर के बिना जीत का स्वाद क्या?" —छतों पर रस्सियाँ बाँधकर रात-रात भर अभ्यास। हवा में चलना, संतुलन साधना, दिल को शांत रखना। एक दिन अभ्यास के दौरान रघु गिरता है—टांग में चोट, खून, डॉक्टर बोलता है—"तीन हफ्ते आराम।"
रघु—"नहीं माँ, मैंने तो बस एक डोरी पर चलना सीखा। असली वॉक तो अभी बाकी है—ज़िंदगी की डोरी पर, जहाँ हर दिन नया संतुलन माँगता है।" the walk movie in hindi
लेकिन रघु को पता था—उसे ऊपर जाना है। एक दिन उसके हाथ लगती है की कहानी—फ्रांस में एक शख्स ने ट्विन टावर्स के बीच रस्सी पर चलकर इतिहास रच दिया। रघु का दिल धड़क उठता है। उसने ठान लिया—अब वह भी करेगा कुछ ऐसा। the walk movie in hindi
वह फिर से बीच में पहुँचता है, इस बार अपनी हारमोनियम बजाते हुए—बिना हाथ के—बस पैरों से तार पकड़े, धुन गूँजती है—"ज़िन्दगी डोर है, तू नाच ले..." —रघु आखिरी बार उतरता है, ज़मीन पर आता है। पुलिस उसे पकड़ लेती है। लेकिन हज़ारों लोग तालियाँ बजा रहे होते हैं। the walk movie in hindi
लेकिन उस वक्त तो उसके पैर आसमान में हैं।